Heart blockage symptoms treatment hindi

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Heart blockage symptoms treatment hindi – आजकल बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के चलते हृदय रोग, खासकर हार्ट ब्लॉकेज तेजी से बढ़ रहा है। यह स्थिति तब होती है जब दिल की धमनियों (Coronary Arteries) में कोलेस्ट्रॉल या वसा जमा हो जाती है, जिससे रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। आइये  इस ब्‍लॉग पोस्‍ट में जानते हैं कि हार्ट ब्लॉकेज क्या है? इसके साथ ही इसके लक्षण, कारण और प्राकृतिक उपाय।

Heart blockage symptoms treatment hindi

🔍 हार्ट ब्लॉकेज के प्रमुख लक्षण

1. छाती में दबाव या भारीपन

हार्ट ब्लॉकेज का सबसे सामान्य और शुरुआती लक्षण है छाती में दबाव या भारीपन महसूस होना। इसे एंजाइना (Angina) कहा जाता है। यह तब होता है जब हृदय को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन युक्त रक्त नहीं मिल पाता। यह दर्द अक्सर सीने के बीचों-बीच महसूस होता है, जैसे कोई भारी चीज रख दी गई हो। यह कुछ मिनटों तक बना रह सकता है और आराम करने पर धीरे-धीरे ठीक होता है। कभी-कभी यह दर्द कंधे, हाथ या पीठ तक भी फैल सकता है। यदि यह लक्षण बार-बार हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यह संभावित हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।

2. सांस लेने में तकलीफ (डिस्प्निया)

हार्ट ब्लॉकेज के कारण जब हृदय की पंपिंग क्षमता प्रभावित होती है, तो शरीर के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसका सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है, विशेषकर किसी काम या व्यायाम के दौरान। यह स्थिति खासकर तब गंभीर हो जाती है जब व्यक्ति आराम करते समय भी सांस की कमी महसूस करे। यह लक्षण संकेत करता है कि दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पा रहा है और तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता है। अगर यह परेशानी लगातार बनी रहती है, तो यह कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर या गंभीर ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है।

3. थकान या कमजोरी महसूस होना

यदि आप बिना किसी भारी काम के बार-बार थकान या कमजोरी महसूस कर रहे हैं, तो यह हार्ट ब्लॉकेज का एक संकेत हो सकता है। जब धमनियों में ब्लॉकेज होता है, तो दिल को शरीर के बाकी हिस्सों तक रक्त पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती और व्यक्ति हमेशा थका-थका महसूस करता है। यह थकावट मानसिक और शारीरिक दोनों रूपों में हो सकती है। विशेषकर महिलाओं में यह लक्षण अक्सर अनदेखा रह जाता है क्योंकि वे इसे सामान्य कमजोरी समझ लेती हैं। लेकिन अगर यह लक्षण रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित कर रहा है, तो हृदय की जांच करवाना जरूरी है।

4. गर्दन, पीठ या जबड़े में दर्द

यह लक्षण आमतौर पर लोगों को भ्रमित करता है, क्योंकि वे इसे हड्डी या नसों की समस्या मान लेते हैं। लेकिन हकीकत में यह दर्द दिल से जुड़ा हुआ हो सकता है, खासकर जब वह अचानक या बिना किसी स्पष्ट कारण के होता है। हार्ट ब्लॉकेज के कारण जब हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन की कमी होती है, तो यह दर्द गर्दन, पीठ, कंधे या जबड़े तक फैल सकता है। यह विशेष रूप से महिलाओं और बुज़ुर्गों में हार्ट अटैक के दौरान अधिक देखा जाता है। अगर यह दर्द सीने में दबाव के साथ हो या किसी गतिविधि के दौरान बढ़े, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

5. एक्सरसाइज करने पर सीने में जलन या दर्द

कई लोग व्यायाम या चलने के दौरान सीने में जलन या दर्द को एसिडिटी या गैस समझ कर टाल देते हैं, लेकिन यह हार्ट ब्लॉकेज का गंभीर संकेत हो सकता है। जब शरीर शारीरिक गतिविधि करता है, तो दिल को ज्यादा खून और ऑक्सीजन की जरूरत होती है। यदि धमनियाँ संकरी हो चुकी हों, तो हृदय को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता, जिससे छाती में जलन, भारीपन या दर्द शुरू हो सकता है। यह दर्द आमतौर पर आराम करने पर कम हो जाता है। लेकिन अगर यह हर बार व्यायाम पर होता है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए और ECG या स्ट्रेस टेस्ट जैसी जांच करवानी चाहिए।

⚠️ हार्ट ब्लॉकेज के कारण

1. उच्च कोलेस्ट्रॉल लेवल

जब शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) की मात्रा अधिक हो जाती है, तो यह रक्त धमनियों की दीवारों पर जमने लगता है। धीरे-धीरे यह परत मोटी होकर रक्त प्रवाह को बाधित करती है, जिससे हार्ट ब्लॉकेज की स्थिति बनती है। हेल्दी डाइट और नियमित व्यायाम से कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखा जा सकता है।

2. ब्लड प्रेशर का असंतुलन

लगातार हाई ब्लड प्रेशर से धमनियों की दीवारें कमजोर हो जाती हैं, जिससे उनमें सूजन और डैमेज होने लगता है। इससे वहां कोलेस्ट्रॉल और चर्बी जमा होने की संभावना बढ़ जाती है। यह धीरे-धीरे ब्लॉकेज का कारण बनता है। संतुलित आहार, योग और दवा से ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखना जरूरी है।

3. धूम्रपान और शराब का सेवन

धूम्रपान और अत्यधिक शराब पीना हृदय की धमनियों को सिकोड़ देता है और खून में प्लाक जमने की प्रक्रिया को तेज करता है। निकोटिन और एल्कोहल रक्तचाप को बढ़ाते हैं और ऑक्सीजन की आपूर्ति को बाधित करते हैं। ये दोनों आदतें हृदय रोगों के खतरे को दोगुना कर देती हैं, इसलिए इनसे बचना जरूरी है।

4. फास्ट फूड और सैचुरेटेड फैट्स का ज़्यादा सेवन

फास्ट फूड और ज्यादा वसा युक्त आहार (जैसे तला-भुना, पैक्ड स्नैक्स) में ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट्स अधिक होते हैं। ये फैट्स शरीर में कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर धमनियों को संकरा बना देते हैं। बार-बार इस तरह के भोजन से हार्ट ब्लॉकेज की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

5. तनाव और नींद की कमी

लगातार तनाव हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जिससे ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकते हैं। वहीं नींद की कमी से शरीर की रिकवरी रुक जाती है और हृदय की कार्यक्षमता घटती है। इन दोनों कारकों का मिलाजुला असर दिल की धमनियों पर पड़ता है और ब्लॉकेज की संभावना बढ़ती है।

6. शारीरिक गतिविधि की कमी

जो लोग दिनभर बैठे रहते हैं और शारीरिक गतिविधियाँ नहीं करते, उनमें मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और फैट जमा होने लगता है। इससे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं जन्म लेती हैं, जो अंततः हार्ट ब्लॉकेज का कारण बनती हैं। हर दिन कम से कम 30 मिनट वॉक जरूरी है।

हार्ट ब्लॉकेज के घरेलू इलाज और रोकथाम के उपाय

  1. लहसुन का सेवन
  • रोज़ सुबह खाली पेट 1-2 कच्ची लहसुन की कलियां चबाएं।
  • यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाता है।
  1. अर्जुन की छाल
  • अर्जुन की छाल का काढ़ा हार्ट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
  • आधा चम्मच अर्जुन चूर्ण को पानी में उबालकर सुबह लें।
  1. अलसी के बीज
  • अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो हृदय के लिए फायदेमंद है।
  1. योग और प्राणायाम
  • कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी करें।
  • यह ब्लड प्रेशर को संतुलित करता है और मानसिक तनाव दूर करता है।
  1. फल और सब्ज़ियों पर ज़ोर दें
  • मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, ओट्स और जौ को डाइट में शामिल करें।

जीवनशैली में बदलाव

हार्ट ब्लॉकेज से बचाव के लिए जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव बेहद ज़रूरी हैं। रोज़ाना कम से कम 30 मिनट टहलना या हल्का-फुल्का व्यायाम करना हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। धूम्रपान और शराब जैसी हानिकारक आदतों से दूरी बनाना चाहिए, क्योंकि ये दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही, भरपूर नींद लेना और तनाव से दूर रहना मानसिक और शारीरिक दोनों दृष्टि से लाभकारी है। नियमित अंतराल पर हेल्थ चेकअप कराते रहना भी आवश्यक है, ताकि कोई भी समस्या समय रहते पहचानी और नियंत्रित की जा सके।

निष्कर्ष

हार्ट ब्लॉकेज एक गंभीर लेकिन प्रिवेंटेबल स्थिति है। यदि समय रहते आप सही डाइट, योग, और हर्बल उपाय अपनाते हैं, तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। लेकिन लक्षणों की अनदेखी बिल्कुल न करें और किसी भी घरेलू उपाय से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

Disclaimer: This article is intended for informational purposes only. The home and Ayurvedic remedies mentioned here are not a substitute for professional medical advice, diagnosis, or treatment. Always consult a qualified doctor or certified Ayurvedic practitioner before starting any new health regimen.

❓ FAQs: हार्ट ब्लॉकेज से जुड़े आम सवाल

उत्तर: नहीं, घरेलू उपाय केवल सहयोगी (supplementary) हो सकते हैं। ब्लॉकेज का इलाज डॉक्टर की देखरेख में होना चाहिए।

उत्तर: अर्जुन छाल का सेवन आप 3 से 6 महीने तक कर सकते हैं, लेकिन आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही।

उत्तर: हाँ, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने से ब्लॉकेज बढ़ने से रोका जा सकता है और धमनियाँ धीरे-धीरे ठीक हो सकती हैं।

उत्तर: हाँ, कई मामलों में हार्ट ब्लॉकेज का कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होता और अचानक हार्ट अटैक हो सकता है।

उत्तर: अर्जुनारिष्ट, लहसुन, अश्वगंधा और त्रिफला जैसी दवाएं हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती हैं।

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