बिना दवा के एसिडिटी का इलाज: 7 असरदार घरेलू उपाय

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Home remedies for acidity treatment- आजकल अनियमित खानपान, तनाव और फास्ट फूड की आदतें एसिडिटी की आम वजह बन गई हैं। पेट में जलन, खट्टी डकार, और सीने में जलन इसके मुख्य लक्षण हैं। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह गैस्ट्रिक अल्सर या एसिड रिफ्लक्स जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है क्‍योंकि यह एक ऐसी चिकित्‍सकीय अवस्‍था होती है जिसमें पेट में अत्‍यधिक मात्रा में अम्‍ल बनने के कारण अम्‍ल उत्‍पादन में असंतुलन की वजह से भी एसिडिटी हो सकती है और ऐसी स्थिति में अम्‍लता को नियंत्रित करना आवश्‍यक होता है। यह लेख आपको बताएगा कुछ असरदार घरेलू उपाय, जिनसे आप दवा लिए बिना एसिडिटी से राहत पा सकते हैं।

Home remedies for acidity treatment

👨‍⚕️ विशेषज्ञ की सलाह:

“अगर घरेलू उपायों के बावजूद लगातार 2 सप्ताह तक एसिडिटी बनी रहे, तो गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट से संपर्क करना ज़रूरी है।”
– डॉ. नीलम शर्मा, आयुर्वेद विशेषज्ञ

1. 🥛 ठंडा दूध पिएं

ठंडा दूध एक प्राकृतिक एंटासिड की तरह काम करता है तथा पेट में अतिरिक्‍त एसिड के उत्‍पादन को कम करने में सहायक होता है इसके साथ ही इसमें मौजूद कैल्शियम पेट की परत को कवर करके अतिरिक्त एसिड को शांत करता है। एसिडिटी होने पर बिना शक्कर का ठंडा दूध पीना तुरंत राहत पहुंचाता है। खासकर भोजन के 30 मिनट बाद एक गिलास ठंडा दूध पीना लाभकारी होता है। ध्यान रहे कि दूध बिल्कुल ठंडा हो, न कि हल्का गुनगुना। यह उपाय उन लोगों के लिए अधिक फायदेमंद है जिन्हें अक्सर सीने में जलन और खट्टी डकारें आती हैं।

✅ 2. केला खाएं

केला एक अल्कलाइन फल है जिसमें प्राकृतिक एंटासिड गुण पाए जाते हैं। यह पेट की अम्लता को संतुलित करने और गैस्ट्रिक परत की रक्षा करने में मदद करता है। रोज़ाना 1 या 2 पके हुए केले खाने से पेट में जलन, गैस और अपच की समस्या कम हो जाती है। इसमें फाइबर और पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। केला एसिड रिफ्लक्स से जूझ रहे लोगों के लिये एक फायदेमंद फल है क्‍योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से एसिड कम होता है, इसमें प्राकृतिक एंटासिड पाये जाते हैं जो पेट की परत को ढकने में मदद करते हैं, इसके साथ ही केला एक हल्का फल है और इसे खाली पेट या खाने के बाद भी खाया जा सकता है।

✅ 3. जीरा का पानी पिएं

जीरा पाचन को उत्तेजित करता है और पेट की अम्लता को नियंत्रित करता है। 1 चम्मच जीरा को एक गिलास पानी में उबालें और छानकर ठंडा करें। इस पानी को सुबह खाली पेट पीने से गैस, अपच और एसिडिटी में राहत मिलती है। जीरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पेट की सूजन को भी कम करते हैं। इसे रोज़ाना पीने से पाचन क्रिया सुधरती है और एसिडिटी की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।

✅ 4. सौंफ और मिश्री का सेवन करें

भोजन के बाद 1 चम्मच सौंफ और थोड़ी मिश्री चबाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और एसिडिटी में राहत मिलती है। सौंफ पेट को ठंडक देती है और गैस को भी कम करती है। मिश्री का स्वाद मीठा होता है और यह एसिड को बैलेंस करने में मदद करती है। ये दोनों मिलकर एक प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर का काम भी करते हैं। नियमित सेवन से पेट की जलन, भारीपन और खट्टी डकारों की समस्या में कमी आती है।

✅ 5. नारियल पानी पिएं

नारियल पानी एक प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक है जो शरीर को हाइड्रेट रखता है और पेट की अम्लता को संतुलित करता है। इसमें पोटैशियम और बायोएक्टिव एंजाइम होते हैं जो पाचन में सहायता करते हैं। नारियल पानी पेट को ठंडक देता है और एसिडिटी के कारण होने वाली जलन को शांत करता है। रोजाना एक या दो बार इसका सेवन करने से गैस, जलन और पेट में भारीपन की समस्या में आराम मिलता है। यह गर्मियों में विशेष रूप से उपयोगी होता है।

 

✅ 6. हींग और गर्म पानी का प्रयोग करें

हींग (असाफोटिडा) एक प्राचीन आयुर्वेदिक उपाय है जो गैस और एसिडिटी में बहुत उपयोगी है। एक चुटकी हींग को गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है और पेट की सूजन व अम्लता में राहत मिलती है। यह गैस को बाहर निकालने में भी मदद करता है। हींग का यह उपाय दिन में एक बार खाली पेट या खाने के बाद किया जा सकता है। यह सरल लेकिन प्रभावी उपाय खासतौर पर उन लोगों के लिए लाभकारी है जिन्हें बार-बार गैस और डकारें आती हैं।

✅ 7. ध्यान और योग करें

तनाव भी एसिडिटी का एक बड़ा कारण होता है। मानसिक तनाव के कारण पेट में अतिरिक्त एसिड बनता है जिससे जलन और गैस की समस्या होती है। नियमित ध्यान (meditation) और योग, जैसे कपालभाति, अनुलोम-विलोम और वज्रासन, पाचन क्रिया को सुधारते हैं और मन को शांत रखते हैं। दिन में कम से कम 15-20 मिनट ध्यान या प्राणायाम करने से न केवल एसिडिटी बल्कि अन्य मानसिक और शारीरिक समस्याओं में भी राहत मिलती है।

निष्कर्ष:

एसिडिटी भले ही आम समस्या हो, लेकिन इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। ऊपर दिए गए घरेलू उपायों को अपनाकर आप इस समस्या से प्राकृतिक रूप से राहत पा सकते हैं।

❓ FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

उत्तर: हां, नींबू में अल्कलाइन गुण होते हैं जो एसिड को बैलेंस करते हैं, लेकिन यह हर व्यक्ति को सूट नहीं करता।

उत्तर: जी हां, खाली पेट चाय पीना पेट में एसिड का स्तर बढ़ा सकता है जिससे जलन और गैस बनती है।

उत्तर: हां, पुदीना पेट को ठंडक देता है और एसिडिटी में राहत पहुंचाता है।

उत्तर: समय पर हल्का भोजन लें, रात को जल्दी सोएं और स्ट्रेस कम करें।

उत्तर: केला, पपीता, तरबूज और खीरा एसिडिटी में लाभदायक माने जाते हैं।

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